Tuesday, January 12, 2010

today i m fell so bad, due to my one habbit that is talking to other persons & publish to all. on monday i m gng to my aunty house & after that i m pick to the both ad, & tell to vicky which is not talking . bcoz i m so confused if i m not telling to the vicky then she give not & i want to win his confidence so i m telling to the vicky about the ad .its very same full for me .after that i m deceide that i m not talking to the ad & vicky.thats my final decesion.

when i m talking to the sharwan & anju then i m so happy whats the reasons i don,t know. but when she talk with me i m so happy. But when i m talking to sharwan then i m think that this is my best friend who understand me & she is a very nice girl.

today when i m doing the cleaning then a lot of more thought come in my mind but at once time all the thought down, one thought is very bad that is before last two days i m doing a wrong work with vicky not realy but wrong is wrong. after that i m decide that i m talking with vicky only with related topic not to the other topic.

Friday, October 23, 2009

कल का दिन बड़ा ही अच्हा बिता मेरे बॉस ने मेरा पुरा बोनौस दे दिया , मै बड़ा ही खुस था पुरा दिन ऑफिस में काम में ही बीत गया '

आज क्लेअनिंग के समय मन में बहुत सरे विचार आए , लेकिन ये तो पता चल गया की कुछ भी बिना करे नही मिलता जो कुछ तुमेह पाना है उसके लिए तुम्हें मेहनत तो करनी ही है , विचार आते और चले जाते , क्लेअनिंग सही समय पैर पुरी हो गई,

कल रूम पे बुआ जी ए हुई थी इस वजह से सतुदी भी नही हो पाई सारा समय कंप्यूटर पे ही निकल दिया

Wednesday, October 21, 2009

आज का दिन अच्छा भी था और बुरा भी , लेकिन अपने बॉस जैसे इन्सान आज तक नही देखा , बहुत ही कंजूस इन्सान है , मैंने जॉब छोड़ने का पक्का प्लान बना रखा था , बेशक मुझे कोई और जॉब न मिले , मैंने जॉब को फिर ज्वाइन तो कर लिया लेकिन मई खुस नही था बस मेरी मजबूरी थी , लेकिन मार्च के बाद इस जॉब को बिल्कुल छोड़ दुगा और घर चला जाउगा , उसके बाद गेंपक्ट मै जाना हैं , और अपने अप्प को प्रोवे करना है की हम भी किसी से कम नही है ! सभी बाते होने के बाद भी मेरे बॉस ने दीवाली भी पुरी नही दी बस माफ़ी से काम चला दिया क्यों न बोले फौर हजार रूपये जो बच रहे थे ,इन्ही को तो बणिये बोला जाता है !संजय भाई तो मुझे निकल कर बहुत ही खुस थे , वो एक बहुत चालू इन्सान है जब काम होता है तो मीठा बोलता है नही तो कोई जीये या मरे उसे कोई फरक नही पड़ता

आज क्लेअनिंग के समय मन मे विचार तोबहुत आय लेकिन बाद में पता ही नही चला की कब समय पुरा हो गया कुल मिला कर क्लेअनिंग बहुत ही अछी हुई , जब समय का पता न चले तो इसी को अधय्त्मिकता कहा जाता है मलिकi से पार्थना है की अपनी किरपा दृष्टि मुझ पे बनये रखना । थोड़ा पदाई की तरफ़ भी मेरा धयान लाये /

Tuesday, October 20, 2009

My Life

टुडे इ म फेल सो लोनली, व्ह्ट्स थे रेअसोंस इ दोन'टी क्नोव। एअर्लीय म्नोर्निंग व्हेन इ गोत उप थें इ म थिंक ठाट टुडे इ म गोइंग तो थे ऑफिस और नोट, बुत अत लास्ट इ ऍम देसिदे ठाट इ म नोट गोनिंग थे ऑफिस इ हवे लेफ्ट थिस जॉब थिस इस माय फिनल देससिओं. अफ्तेर्नूं इ ऍम तल्किंग तो संगीता शे इस वैरी अंगरी विथ में वत्स थे रेअसोंस इ क्नोव ठाट बुत व्हेन इ सव इन थे बैंक ओं लास्ट ठुर्स्दय थें इ म थिंक ठाट इ म नोट तल्किंग एंड मीत अगेन. ओने बाद हब्बित इन में ठाट इ म तेल्लिंग सो लिए. और मैंने उस से भी बहुत झूट बोला है. और मै उस से और झूट नही बोल सकता. स्वाति मेरी क्लास मेट थी, वो मुझे अची भी लगती थी लेकिन में उस से कभी बोल नही पाया बट्टे तो कर हे लेता था लेकिन दिल की बात उस से कभी नही कह पाया . आज तीन दिन बाद मै घर से वापिस आया दीवाली को खूब एन्जॉय किया लेकिन दीपावली के दिन पापा ने शराब पीकर सारा मूड ख़राब कर दिया , अगले दिन रोहतक चला गया और वह पैर बुआ ने पुरा मूड ख़राब कर दिया , कुल मिलकर बचा एक दिन जो थोड़ा सही गया वो दिन भी ख़राब चला जाता तो फिर कभी घर नही जाता , मेरी सेहत थोडी ख़राब होती जा रही है इसके लिए मुझे थोड़ा सावधान रहना होगा अपने खाने पिने पैर कंट्रोल करना होगा , मास्टर से मेरी प्रार्थना है की मेरे घर वाले को खास कर पापा को थोडी बूढी दे ताकि वो अपने परिवार के बारे में सोच सके।

आज सफाई के समय मन मै बहुत से विचार आते जाते रहे लेकिन बाद में मन एक विचार पर ही रुक गया मुझे पता ही नही चला की कब मन रुका , सफाई करने के बाद जैसे ही उठा एक ग़लत काम मुझसे हो गया जिस पैर मुझे बहुत गुस्सा आता है अब मेने सोच लिए है और यह तय भी कर लिया है की आगे से मै कोई भी ग़लत काम नही करुगा और सदा मास्टर के सतत स्मरण मै ही रहूगा .