Tuesday, October 20, 2009

My Life

टुडे इ म फेल सो लोनली, व्ह्ट्स थे रेअसोंस इ दोन'टी क्नोव। एअर्लीय म्नोर्निंग व्हेन इ गोत उप थें इ म थिंक ठाट टुडे इ म गोइंग तो थे ऑफिस और नोट, बुत अत लास्ट इ ऍम देसिदे ठाट इ म नोट गोनिंग थे ऑफिस इ हवे लेफ्ट थिस जॉब थिस इस माय फिनल देससिओं. अफ्तेर्नूं इ ऍम तल्किंग तो संगीता शे इस वैरी अंगरी विथ में वत्स थे रेअसोंस इ क्नोव ठाट बुत व्हेन इ सव इन थे बैंक ओं लास्ट ठुर्स्दय थें इ म थिंक ठाट इ म नोट तल्किंग एंड मीत अगेन. ओने बाद हब्बित इन में ठाट इ म तेल्लिंग सो लिए. और मैंने उस से भी बहुत झूट बोला है. और मै उस से और झूट नही बोल सकता. स्वाति मेरी क्लास मेट थी, वो मुझे अची भी लगती थी लेकिन में उस से कभी बोल नही पाया बट्टे तो कर हे लेता था लेकिन दिल की बात उस से कभी नही कह पाया . आज तीन दिन बाद मै घर से वापिस आया दीवाली को खूब एन्जॉय किया लेकिन दीपावली के दिन पापा ने शराब पीकर सारा मूड ख़राब कर दिया , अगले दिन रोहतक चला गया और वह पैर बुआ ने पुरा मूड ख़राब कर दिया , कुल मिलकर बचा एक दिन जो थोड़ा सही गया वो दिन भी ख़राब चला जाता तो फिर कभी घर नही जाता , मेरी सेहत थोडी ख़राब होती जा रही है इसके लिए मुझे थोड़ा सावधान रहना होगा अपने खाने पिने पैर कंट्रोल करना होगा , मास्टर से मेरी प्रार्थना है की मेरे घर वाले को खास कर पापा को थोडी बूढी दे ताकि वो अपने परिवार के बारे में सोच सके।

आज सफाई के समय मन मै बहुत से विचार आते जाते रहे लेकिन बाद में मन एक विचार पर ही रुक गया मुझे पता ही नही चला की कब मन रुका , सफाई करने के बाद जैसे ही उठा एक ग़लत काम मुझसे हो गया जिस पैर मुझे बहुत गुस्सा आता है अब मेने सोच लिए है और यह तय भी कर लिया है की आगे से मै कोई भी ग़लत काम नही करुगा और सदा मास्टर के सतत स्मरण मै ही रहूगा .

No comments: